तुम्हारी हँसी ही मेरी खुशी का इशारा है,
चेहरा खिलता रहे तुम्हारा, यही ख्वाब हमारा है।
पागल, इधर-उधर नहीं, मेरी आँखों में देखो,
जो दिल तुम्हारे लिए धड़के, वो पहले से तुम्हारा है!
— जगदीश चंद्र कापड़ी