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मातृभूमि पुकारती है

Islam Ali

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            उठ मातृभूमि के लाल,
        
                                                    
                            
तुझे मातृभूमि पुकारती है,
मातृभूमि की रक्षा कर,
जो तुझको सँवारती है।

इसकी रक्षा के लिए तू,
प्राणों की चिंता ना कर,
डाले जो भी बुरी नज़र,
जा ले तू उसकी ख़बर।

वतन की रक्षा के लिए,
हमेशा कदम आगे बढ़ा,
शत्रु से तुझे डरना नहीं,
जा सीना तानकर हो खड़ा।

अपनी मातृभूमि का मस्तक,
कभी भी झुकने मत देना,
देना तुम मुँहतोड़ जवाब,
शत्रु से बदला ज़रूर लेना।

- इस्लाम अली (कवि एवं पत्रकार)
हरिद्वार, उत्तराखण्ड
2 वर्ष पहले
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