हे राम तेरी बनाई इस दुनिया का इक अलग सा दुस्तूर देखा,
लूटेरों को सुधरते और किसी साधु की आँखों में चोरी का फितूर देखा,
देखा न सुकून,चैन किसी अमीर की कोठी में,
पर हक्क से कमाने वाले की आँखों में मेहनत का गुरूर देखा।