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ऐसा मुझको देश चाहिए

irfan saeed writer

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ऐसा मुझको देश चाहिए
        
                                                    
                            
अपनी संस्कृति का समावेश चाहिए
जहाँ शिक्षा पर प्रहार ना हो
जहाँ आजादी की हार ना हो
जहाँ आंदोलन हो हक़ पर
जहाँ भुखमरी की मार ना हो
जहाँ देश कों पल पल तोड़ने वाला
घर का कोई गद्दार ना हो
जहाँ करप्शन का कोई खेल ना हो
जहां मेहगांई का तेल ना हो
ऐसा मुझको देश चाहिए
अपनी संस्कृति का समावेश चाहिए

जहाँ गरीबों कों भी हक़ मिले
जहाँ न्याय पालिका बरहक़ मिले
जहाँ जाति ना पूछी जाए
जहाँ इंसा कों इंसा समझें
जहाँ तानाशाही आम ना हो
जहाँ नफ़रत की दीवार ना हो
जहाँ जात-पात का भेद ना हो
जहाँ सबको सस्ता ज्ञान मिले
जहाँ शांति का पैगाम चले
जहाँ माता पिता सम्मानित हो
जहाँ निर्धन धनवान एक समान
जहाँ अपने देश का झंडा एक
ऐसा मुझको देश चाहिए
अपनी संस्कृति का समावेश चाहिए

चौथा स्थम्भ परतन्त्र ना हो
जहाँ बलात्कारी स्वतंत्र ना हो
बहन की इज्जत तार तार ना हो
नफ़रत का कोई वार ना हो
ना निर्धन कोई भूख से तड़पे
महंगाई की कोई मार ना हो
शासन पर काबिज़ हो ऐसा मनुष्य
दामन जिसका दाग़'दार ना हो
हिन्दू - मुस्लिम सिख-ईसाई
यहाँ सर्वधर्म सम्मान मिले
भारत कों मेरे ठेस ना पहुंचे
सही'दों कों सम्मान मिले
ऐसा मुझको देश चाहिए
अपनी संस्कृति का समावेश चाहिए
2 महीने पहले
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