विज्ञापन

वो जिसके प्यार में पागल हुआ मेरा दिल हैं।

Iqbal mehdi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            वो जिसके प्यार में पागल हुआ मेरा दिल हैं।
        
                                                    
                            
बहुत करीब मेरे प्यार की ये मंजिल है।।

मैं तुझको देख कर मदहोश हुआ जाता हूं।
मचल कर तुझको अगर छू लिया तो मुश्किल है।।

जो अपने शेर फ़क़त तुझको ही सुनाता हूं ।
कि तू तन्हा नहीं हैं मेरे लिए महफिल हैं।।

मैं किसी रोज़ बहुत दूर चला जाऊंगा।
मैं मौज हूं किसी दरिया की और तू साहिल है।।

आज "मेंहदी" के जो इतने क़रीब आए हो।
ये मुलाकात मेरे प्यार का ही हासिल है।।
-इक़बाल मेंहदी काजमी
एक घंटा पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Sanjai kumar

103 कविताएं

View Profile