वो जिसके प्यार में पागल हुआ मेरा दिल हैं।
बहुत करीब मेरे प्यार की ये मंजिल है।।
मैं तुझको देख कर मदहोश हुआ जाता हूं।
मचल कर तुझको अगर छू लिया तो मुश्किल है।।
जो अपने शेर फ़क़त तुझको ही सुनाता हूं ।
कि तू तन्हा नहीं हैं मेरे लिए महफिल हैं।।
मैं किसी रोज़ बहुत दूर चला जाऊंगा।
मैं मौज हूं किसी दरिया की और तू साहिल है।।
आज "मेंहदी" के जो इतने क़रीब आए हो।
ये मुलाकात मेरे प्यार का ही हासिल है।।