गंगा घाट पर पितरों के तरपन हेतु, बड़ी बड़ी पंगत में बैठे हुए लोग हैं।
पंडा लोग खड़े पिंडदान करवा रहे हैं, पंद्रह दिवस पितृ पक्ष के सुयोग हैं।
भाँति भाँति की मिठाइयाँ व भात लेकर के, पितरों को विधिवत कर रहे भोग हैं।
माता-पिता, दादा-दादी, अन्य जो गोलोकवासी, उन ही के लिए सारे हो रहे प्रयोग हैं।
-इन्द्र प्रसाद लोधी 'रत्नेश'