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शिकायत

Indra Prasad

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            लोग शिकायत हैं करते अब यार कहाँ तुम हो रहते।
        
                                                    
                            
चाय पिया नहिं गा कबसे यह बात सभी हमसे कहते।
होटल में अब तो चलिए कप चाय जहाँ हम थे गहते।
भाव भरी बतिया सुनिकै हम डोलि गए बहते बहते।
-इन्द्र प्रसाद लोधी 'रत्नेश'
7 घंटे पहले
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