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जब से गिरा है पानी मनुवा मल्हार गावै

Indra Prasad

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जब से गिरा है पानी मनुवा मल्हार गावै, जतने किसान सब देखि देखि खेतवा।
        
                                                    
                            
म्याड़न के ऊपर से भरि कै उफान मारै, नरवा बहति मानो चढ़ी नदी बेतवा।
धानन की फसल खुशी के मारे झूमि रही, ऊसर मा नाहीं अब देखि परैं रेतवा।
राम दीन मन मा प्रसन्न अतना है मानो, घर मा भवा है पहिलौठी वाके बेटवा।
-इन्द्र प्रसाद 'रत्नेश'
2 महीने पहले
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