बड़ा उलझाव भरा हुआ मोरे जीवन में, भोले नाथ आप सुलझाव मैं उदास हूँ।
आप समरथ सब काम हो बनाने वाले, यही सोचकर आया आपके मैं पास हूँ।
देवों के हो आप देव इसीलिए महादेव, मुझे शुभ वर देव भगत मैं खास हूँ।
आपकी कृपा का एक मात्र है सहारा मुझे, आपकी कृपा के बिना बहुत निराश हूँ।
-इन्द्र प्रसाद 'रत्नेश'