काँवरिया भोले के हैं भक्त इन पे न कोई, भी करो प्रहार यह बात सब जान लो।
भोले भोले जाप कर चलते हैं भोले भाले, शिव के ये गण आँखें खोल पहचान लो।
अपनी पे आ गए तो रौद्र रूप धार लेंगे, मिथ्या ये नहीं है देखभाल कर मान लो।
देख लो नेपाल हिंदू राष्ट्र इन से ही हुआ, ये ही महाकाल रूप बात धर कान लो।
-इन्द्र प्रसाद 'रत्नेश'