पितृ पक्ष में भक्ति-भाव से करिए पूर्ण समर्पण।
काम क्रोध मद लोभ हटाकर स्वच्छ करो मन दर्पण।
पितरों के प्रति श्रद्धा रखकर उनको भोग लगाओ,
जलाभिषेक करो नित प्रातः होगा तब ही तर्पण।
-इन्द्र प्रसाद लोधी 'रत्नेश'