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बूँदु गिरै ना

Indra Prasad

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            झूमत है तरू पाय बयारि मुला कछु आस दिखाय परै ना।
        
                                                    
                            
धान सुखाय रहे बिनु नीर किसानन का जिउ धीर धरै ना।
घेरि रही बदरी अतनी करिया करिया मुलु बूँदु गिरै ना।
ऊमस से सब व्याकुल हैं मनु बुद्धि कुछू अब कामु करै ना।
-इन्द्र प्रसाद 'रत्नेश'
2 महीने पहले
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