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पितृपक्ष

Indira Kumari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कर नमन गरुड़ पुराण संग
        
                                                    
                            
नैन मूंदकर करती ध्यान
पितृपक्ष की श्रद्धा बेला में
जानें इसका पवित्र विधान।

जल तर्पण संग शुरू ये होता
होता पार्वन पिंडदान
पितर नाम पर भोजन करते
पंडित विप्र ससम्मान।

पर बदल रहा विचार सबका
समय गति संग है बलवान
अर्थ के हाथों बिक गया अब
भाव,भावना,मान,सम्मान।

पुत्र पुत्री हुए पेशेवर
बदला उनका मिजाज ध्यान
पार्टी शार्टी है महत्वपूर्ण
ले कब कोई पितर का नाम??

अनलिमिटेड आवश्यकता,सोच, विचार
बढ़ा दिया अर्थ  का मान
मानव जीवन का मूल्य नहीं अब
मूल्यहीन हुए वो पशु समान।

आएं सबमिल बचाएं इसे
जीवन उनका है महान
जीवित सम्मान संग अमर करें
अपने पुर्वज पितर का नाम।
2 घंटे पहले
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