विज्ञापन

खूब होते हैं

Imtiyaz Raza Ali Khan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हसीं चेहरा अगर हो तो, दीवाने खूब होते हैं,
        
                                                    
                            
अभी छोटी-सी उम्रों में, कई महबूब होते हैं।
हसीनों की गली में तो, तमाशाई बहुत देखे,
मुसीबत जब भी आती है, कहाँ महबूब होते हैं।
कि बातें राज़ की हों तो, अपनों से बचा करना,
यहीं दुश्मन के अक्सर ख़ास ही मकतूब होते हैं।
-इम्तियाज़ रज़ा अली खान
2 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Manju Sharma

3561 कविताएं

View Profile