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सपना हो या

ij singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सपना हो या हकीकत हो
        
                                                    
                            
जो भी हो खूबसूरत हो

बहारो में महकती खुशबू तुम्हारी
फूलों में खत्म होती जुसत्जू तुम्हारी

टिप टिप बरसात की बूंदे रुलाती है मुझको
तुम्हें न भूल जाऊं याद दिलाती है मुझको

जर्रा जर्रा बयान कर रहा तुम्हारी कहानी
नहीं कोई अदना तुम हो रुहानी
2 महीने पहले
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