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प्रेरक विचार सामूहिक चेतना में बदलते हैं

Historian 0.C.

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हमारे विचार
        
                                                    
                            
उत्तम शब्दों से सुसज्जित होते हैं।
ये प्रेरक विचार समाज की,
सामूहिक चेतना में बदल जाते है।।

हमारे विचार
नित्य नियमित प्रकाशित होते हैं।
ये शुभ विचार समाज की,
सामूहिक चेतना के अंग बन जाते हैं।।

ये हमारे विचार
समाज के प्रति संवेदनशील होते हैं।
ये विचार समाज की,
सामूहिक चेतना से दिग्भ्रांति हटाते हैं।।

ये हमारे विचार
समाज के शाश्वत हितों से जुड़े हुए होते हैं।
ये विचार समाज की,
भ्रमित चेतना को प्रबुद्ध चेतना में बदलते हैं।।

ये हमारे विचार
समाज के लिए मंगलकारी होते हैं।
ये विचार समाज का,
सामाजिक पथ आलोकित करते हैं।।

हमारे विचार नित्य नियमित
समाज में अस्मिता का संचार करते हैं।
हमारे विचार समाज में,
धीरे-धीरे क्रांतिकारी परिवर्तन ले आते हैं।।

प्रेरक विचारों को सुनकर
विवेकशील व्यक्ति नित्य प्रेरित होते है।
प्रेरक विचारों से ही,
समाज में समाज हितकारी सुधार होते हैं।।

-ओ सी पटले
एक महीने पहले
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