मातृभाषा पोवारी मा
आयी नवीन बहार से।
नवीन पोवारी साहित्य मा,
मातृभाषा को श्रृंगार से।।
पोवारी साहित्य मा
अलंकारों को प्रयोग से।
पोवारी साहित्य मा,
उपमानों को प्रयोग से।।
पोवारी साहित्य मा
नव विचारों को प्रवाह से।
पोवारी साहित्य मा,
लेखनी ला सुंदर धार से।।
पोवारी साहित्य मा
सुंदर भावों की बहार से।
पोवारी साहित्य मा,
शब्दों को सुंदर श्रृंगार से।।
पोवारी साहित्य मा
उन्नति को ध्येयवाद से।
पोवारी साहित्य मा
सफलता को आशावाद से।।
जुनो साहित्य मा
भाषा साती चिंता को स्वर से।
नवीन साहित्य मा,
भाषा को आल्हादित स्वर से।।
सुधार आंदोलन मा
सहभागी पोवारी कलाकार से।
सुधार आंदोलन मा
सम्मिलित हर साहित्यकार से।।
-ओ सी पटले