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मैं पल दो पल का शायर हूं

HIMANSHU CHARAN

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मैं पल दो पल का शायर हूँ, पल दो पल मिरी कहानी है
        
                                                    
                            
पल दो पल मेरी हस्ती है, पल दो पल मिरी जवानी है
जीवन यह बहती धारा है, यह रुकना कभी न जानेगा
आज जहाँ पर मैं हूँ खड़ा, कल कोई और ठिकाना लेगा
सब अपनी अपनी राहों में, बस चलते ही चले जाएँगे
आज तुम्हारे साथ हूँ मैं, कल नए मुसाफ़िर आएँगे
सब अपने मतलब की ख़ातिर, यहाँ मीठी बातें करते हैं
कोई दिल से काम नहीं लेता, बस गर्ज़ से रिश्ते रखते हैं
अहमियत नहीं दी जाती है, सच्चे और साफ़ इंसान को
सब भूल ही जाते हैं पल में, दिल वाले के अहसान को
मैं एक दिन दूर चला जाऊँ, इस दुनिया के जंजालों से
तब ढूँढोगे मेरी बातें, तुम यादों के उजालों से
जब बीत जाएगा यह मौसम, जब ख़त्म हसीन फ़साना होगा
'लाला' का ज़िक्र तो होगा, पर वो दौर पुराना होगा
मैं पल दो पल का शायर हूँ, पल दो पल मिरी कहानी है
पल दो पल मेरी हस्ती है, पल दो पल मिरी जवानी है
एक महीने पहले
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