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किसी नव पल्लव के आगमन से

hema pant

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            पत्ते झरते हैं जब शाख से
        
                                                    
                            
एक पीड़ सी उठती होगी उसे
कितनी उम्र गुजारी होगी
उस शाख और पत्ते ने
वृक्ष की छाया में रहकर
सहसा यूं विरह की व्यथा
एक हूक तो उठती होगी
उस विरह की वेदना में
वह वेदना कम हो पाती होगी
किसी नव पल्लव के आगमन से
एक महीने पहले
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