ये धर्म की लड़ाई नही ये शिक्षा की मांग हैं
शिक्षा पाना हर युवा का अधिकार हैं..
जिनके सपने थे ऊँची उड़ान भरने के
वो खो गए जाने कहाँ चंद सत्ता के गलियारों में ..
बच्चो के ख़्वाब बिखर कर रह गए भ्रष्ट सरकार झूठे कानून के सामने ..
जिन बच्चो के हाथो में क़लम किताबे नज़र आती थी
आज वों सड़को पर उतर गए प्रशासन सें अपने हक के आवाज़ में ..
अपने हक के लिए बोलना क्या गुनाह हैं शिक्षा हर युवा का अधिकार हैं ..
ये खूबसूरत उपहार हैं बेसुध सरकार का आज बच्चे
बिलख रहे हैं अपनी मेहनत और पारदर्शिता परिणाम के लिए...
कहाँ गए लम्बे चौड़े भाषण देने वाले?
कब होगा विकास?
पूरे देश -विदेश में बज गए डंके बच्चों की जंतर मंतर पर गुज़ रही हुंकार..
बच्चो के दर्द को न सुनने कोई आया न उनके कान तक पहुँची बच्चो की पुकार निरस पड़े नेता गूंगी बहरी सरकार..
माता -पिता अपने बच्चो के लिए तङप रहे हैं क्या यही हैं इनकी कड़ी मेहनत का इंसाफ..
न जाने कितने बच्चे लहू -लुहान सड़क पर पड़े न
जाने कितने अपने हक के लिए ग़वा बैठे अपनी जान..
बच्चो पर ही क्यों गिर रही गाज़ क्यों शिक्षा को
राजनीति का मोहरा बनाया जा रहा..
बच्चो के भविष्य के साथ खेला जा रहा हैं धर्म , जाति, व्यवस्था को अलग कर शिक्षा पर क्यों सवाल उठाया जा रहा..
बच्चों पर कर रहा राजनीति तरीके सें वार हक की लड़ाई हैं कोई भीख नही मांग रहे हैं कम सें कम अब तो करो शिक्षा में सुधार...!!
-हेमप्रिया