कुछ बातें किताबों में नहीं मिलतीं,
कुछ एहसास शब्दों में नहीं ढलते।
कभी हँसी बनकर साथ बैठते हैं,
कभी ख़ामोशी में भी बहुत कुछ कहते हैं।
रास्ते चाहे कितने भी लंबे हों,
हौसले अगर साथ हों तो सफ़र आसान लगता है।
कलम चलती रहे, किताबें खुलती रहें,
और दिल में एक छोटी-सी उम्मीद बनी रहे—
कि मेहनत का हर पन्ना,
एक दिन कामयाबी की कहानी बने।