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हरितालिका गीत

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हरितालिका गीत
        
                                                    
                            
शैलजा कीन्हा कठिन व्रत,
बहु काल बीता करते व्रत।
था भादौं मास रैन उजियारी,
तृतीया तिथि अनुपम न्यारी।।
सम्मुख खड़े थे भोले आज,
मांगो इच्छित वरदान आज।
आप के दर्शन मेरा सौभाग्य ,
दया नाथ की मेरा भाग्य।।
नाथ तुम्हारा कर मेरे सिर पर ,
मेरा सिर हो तुम्हारे चरणों में।
प्रिये शैलजा प्राणों से प्यारी ,
तुम साथ रहो वामांगी हमारी।।

कवि : अशर्फी लाल मिश्र ,अकबरपुर ,कानपुर ।
 
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5 वर्ष पहले
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Chandra prakash

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