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मानवता का विनाश

Anonymous User

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सम्पूर्ण विश्व में अशांति फैला रहा है तालिबान
        
                                                    
                            
मूढ़ता के चरम पर हैं सारे कट्टरपंथी मुसलमान
प्रेम भाईचारा और मानवता हो रही है लहुलुहान
फिर भी जेहादी गर्व से कह रहें इस्लाम है महान।

अरे कितना धर्मान्ध हो गया है ये मजहबी इन्सान
लड़ रहा है ये बनकर ईसाई हिन्दू और मुसलमान
जाति पंथ और मजहब में उलझकर हो गया हैवान
प्रकृति ने बनाया था हम सबको बस एक इन्सान।

नदियाँ पर्वत सूरज धरती चांद और ये आसमान
समस्त मानव जाति के लिए है सब एक समान
आपस में लड़कर क्यूँ ले रहा अपनों की ही जान
संभल जा वरना धरती से मिट जायेगा तू इन्सान!

-- हरेन्द्र श्रीवास्तव (प्रकृतिवादी)
 
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4 वर्ष पहले
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