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नटखट ज़िन्दगी

Gurjeet Kaur

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            नटखट ज़िंदगी तू और तेरा सताना!
        
                                                    
                            
अगर तू कहीं~
कान्हा के जैसे ग़मों के माखन चुराती,
मोहन की भांति शांति से मन मोह लेती,
माधव के समान कष्टों को हर लेती,
कृष्ण की तरह हर युद्ध में साथ देती,
तो मैं तुझसे भी ज़्यादा नटखट होती!
6 घंटे पहले
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