चाह को राह जरूर मिलती है
न मिलने वाले की आह भरते हैं!
जिंदगी के सफर में तन्हा हम,
उस अजनबी को रोकर याद करते हैं!
जो गर मिलता तो जिंदगी कुछ और होती,
छांव तो छांव,धूप भी धूप न होती!
मन पंछी बन सपनों के गाँव उड़ता,
दुख ग़म मुसीबत और न होती जड़ता!!