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कर्म क्षेत्र

Govind karn

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आदत से मजबूर है कुछ लोग, जो दूसरों में ऐब ढूंढते है।
        
                                                    
                            
दुख बस इतना है कि वो मेरे गम में अपनी खुशी ढूंढते है।
मेरी बस इतनी इल्तजा है कि अपने कर्मों को धर्म से आँका करो।
ऐब ढूंढना है तो बस आईना देखो, दूरबीन में मत झांका करो।
2 महीने पहले
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Manju Sharma

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