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मन को वश में कर लिया तो 'गिरिजा' को खूब नाज है।।

Girija Prasad

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मन तू बावरा
        
                                                    
                            
मन तू बावरा
तन का तू साज है, धन की तू आवाज है।
तन और धन दोनों पर तेरा ही तो राज है।।
मन तू बावरा...
मन से ही होती प्रीति , मन से ही होती भक्ति ।
मन का मिलन नहीं हो तो लगता जैसे खाज है।।
मन तू बावरा....
मन से ही कोई बनता संत, मन ही बनाता उसे महंत।
मन से कोई बन गया सन्यासी तो आती नहीं लाज है।।
मन तू बावरा.....
मन के किये हुआ मनमौजी, तन कर बैठा जैसे फौजी।
मन को वश में कर लिया तो 'गिरिजा' को खूब नाज है।।
मन तू बावरा
मन तू बावरा
9 घंटे पहले
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Updesh Kumar

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