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चौथी क्रान्ति

Girija Prasad

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सन 1857 में जम्बूदीप भारत में पहली क्रान्ति आई।
        
                                                    
                            
गुलामी से त्रस्त लोगों में आजादी की प्यास जगाई। ।
हजारों राष्ट्र भक्तों ने राष्ट्रहित में दिया अपना बलिदान।
जालिम अंग्रेजों ने भारतीयों पर क्रूरता खूब दिखलाई। ।
सौ साल बीतते बीतते दूसरी क्रान्ति का हुआ आगाज।
लाखों शहीद हुए और करोड़ों को आजादी दिलवाई। ।
30 साल की अल्पावधि में लोकतंत्र लहूलुहान हुआ।
तब J.P. ने तीसरी क्रान्ति की आवश्यकता जतलाई।
आजादी के अमृतकाल में NEET ने विपदा ऐसी लाई।
प्रधान को हटाने वाली 'चौथी क्रान्ति' सबको खूब भाई। ।
2 महीने पहले
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