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भूआ ने छूआ

Girija Prasad

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तन-मन उसका चुलचुलाया जिसको इसने छूआ।।
        
                                                    
                            
इसके स्पर्श से त्वचा पर चकता ऐसा आता।
जैसे फल-फूल गया हो शरीर पर मालपूआ।।
सहजन, डीमहर और गमहारि के पेड़।
भूआ को जनमाते और देते हैं 'दुआ'।।
इसके रोएँ ऐसे चूभते हैं शरीर पर।
जैसे कोई गड़ाए हैं सूई और सूआ।।
3 महीने पहले
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