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वह सच्चा आईना

EKTA DIXIT

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            वह आईना भी कितना खूबसूरत है,
        
                                                    
                            
जो मुझे हर हाल में खूबसूरत दिखाता है।
नज़रों में समाया है एक अनूठा सा जादू,
जो मेरी सादगी को भी बेमिसाल बनाता है।

भले ही आँखों में काजल लगे न लगे,
भले ही बालों में कंघी चले न चले,
वह मेरी रूह का ऐसा नूर चुराता है,
कि हर दिन एक नया सवेरा बन जाता है।

न उसे किसी सजावट की दरकार है,
न किसी बनावटी शृंगार की चाहत,
वह तो बस मेरी मासूमियत पर मर मिटता है,
और मेरी हर ख़ामी को अपनी चाहत से ढकता है।

हमारी खूबसूरती को निखारने में,
वह अपना सबसे बड़ा योगदान दे जाता है,
क्योंकि वह चेहरे की चमक नहीं,
मेरी आत्मा की सच्ची खूबसूरती को पहचान जाता है।

वह आईना भी कितना खूबसूरत है,
जो मुझे हमेशा, सिर्फ और सिर्फ खूबसूरत दिखाता है।
एक महीने पहले
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