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ख़ुद को भगवान समझ बैठे हैं

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                            ख़ुद को भगवान समझ बैठे हैं
        
                                                    
                            
जनता को नादान समझ बैठे हैं
जनता ने कितनों को बदला है
इस बात से अनजान समझ बैठे हैं
-दुर्गाशंकर गुर्जर
2 महीने पहले
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