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गड़बड़ी

Dr.Neeraj Malviya

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जहां देखो वहां यह पड़ी है,
        
                                                    
                            
देखो यारो यह तो गड़बड़ी है.
ऊपर से नीचे तक,
नीचे से ऊपर तक.
दाएं से बाएं तक
बाएं से दाएं तक.
चारों ओर यह खड़ी है
देखो यह गड़बड़ी है

कभी यह बड़ी है,
कभी यह छोटी है.
पर यह हमेशा गड़बड़ी है.
फाइलों में गड़ी है,
टेबल नीचे बड़ी है.
देखो यह गड़बड़ी है

क्या हड़बड़ी में गड़बड़ी है?
या गड़बड़ी में हड़बड़ी है?
या हड़बड़ी ही गड़बड़ी है
या गड़बड़ी ही हड़बड़ी है
कुछ भी कहो गड़बड़ी तो गड़बड़ी है.

जाने में, अनजाने में,
न जाने कितने पैमाने में,
होती रहती गड़बड़ी है
देखो यह गड़बड़ी है.

राजा के घर दबी है,
रंक के घर उघड़ी है.
देखो यह गिरगिट सी,
रंग बदलती गड़बड़ी है.

काछी की दुकान पर,
पन्नी में रखे सामान पर,
जुर्माना लगाती गड़बड़ी है.
पर सेठों की कंपनी को
लाइसेंस बाँटती गड़बड़ी है.

चपरासी के चार पैसों पर
बाबू की कलम दवात पर
दोष लगाती गड़बड़ी है
पर नेता को निर्दोष बताती
देखो यही तो गड़बड़ी है.

न पुरुष में, न नारी में.
हाय हाय न किन्नर बेचारी में.
भेद नहीं करती, देखो यह गड़बड़ी है

जीवन में सावन नहीं,घर में राशन नहीं,
अन्नकोष में सड़ी है, लॉकर में पड़ी है
देखो यह गड़बड़ी है
-नीरज मालवीय
2 महीने पहले
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