परिश्रम ही है जो कर्म से प्यार,
और जीवन में रूहानी संगीत भरे।
सपनों को सच करने की राहों पर,
धैर्य और अभ्यास का उल्लास भरे।
गलतियों से शिक्षा और अभ्यास,
हार से विजय तक का प्रकाश;
यही निष्काम कर्म की साधना,
तय करती है अंतिम प्रभाव।
हर नया दिन एक नया प्रयास,
अपने आज को कल से बेहतर बनाने का।
कौशल और ज्ञान हो जिसके पास,
वही पाता है सफलता।
जीवन के प्रत्येक दिवस को एक कठिन परीक्षा मानकर जीयो,
निरंतर स्वयं को उत्तम बनाने में लगे रहो।
- शिव राय पुरी