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मिलता नहीं सहारा कोई

Dr. Sagar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मिलता नहीं सहारा कोई
        
                                                    
                            
था हमें जान से प्यारा कोई

उम्र जवानी दोनों ढल गये
अब क्या करे इशारा कोई

अम्बर मैं अनगिनत सितारे
मेरे नाम का ना तारा कोई

दुनिया की भीड़ है वैसे
पर नहीं हुआ हमारा कोई

किस्मत के आगे अब "सागर "
चलता नहीं है चारा कोई

डॉ. सागर पटिआला
 
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