76 वर्ष की पावन बेला पर स्वीकारें शुभकामनाओं का उपहार
संसद से सड़कों तक गूँजे,जन-जन की निष्छल पुकार
जन्मदिवस के अवसर पर,बढ़ा दीजिए भारत का मान
विश्व-पटल पर जो खोया हैं,लौटा दीजिए वो स्वाभिमान
सीमा-प्राँत में डटे शत्रु को,लाल आँख का तेज दिखाओ
सेना का सम्बल पुन: जगाकर,मातृभूमि की शान बढ़ाओ
अविभाज्य अंग जो भारत का,पाक-अधिकृत भू-भाग दिला दो
तड़प रही भारत माँ ,कश्मीर उसे पूरा लौटा दो
पड़ोसी देशों की मुद्रा भी,आज गगन को छू रही हैं
गिरते रुपये की लाचारी,हर पल देश को छल रही हैं
खुशहाली के सूचकांक में,पीछे छूट रहा परिवेश।
122 वें स्थान पर बिखरा,उन्नति का यह नया परिवेश
उपहार-स्वरूप अब मोड़ दो वापस,रुपये की वह पुरानी शान
लोकतंत्र की शुद्ध मर्यादा,और अमन-चैन का अभिमान
जन्मोत्सव पर यही प्रार्थना,सुनें देश की आकुल पुकार
लौटा दें भारत-वासियों को,सुख-समृद्धि की मधुर बहार
-महेश यादव