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तेरा हर एक

Dr fouzia

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            किसी भी ग़म की
        
                                                    
                            
न कभी तेरे हिस्से में
कोई शाम आये
मुस्कुराता हुआ
तेरे हिस्से में,
तेरा हर एक पल आये
तमाम ख़ुशियाँ जहाँ की
तेरा मुकद्दर हों
मेरे लबों की
दुआ का बस तू ही
मरकज़ हो ।
-फ़ौज़िया नसीम शाद
एक महीने पहले
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