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ख़्वाब कोई

Dr fouzia

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            नींद तब आये मेरी आंखों को,
        
                                                    
                            
ख़्वाब कोई अगर मुकम्मल हो।
- फ़ौज़िया नसीम शाद
2 महीने पहले
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