विज्ञापन

ही नहीं

Dr fouzia

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ख़्वाब से जुड़ चुका है इस दर्जा
        
                                                    
                            
दिल हकीकत को मांगता ही नहीं
राब्ता इस तरह रख उसने
जैसे हमको वो जानता ही नहीं
- फ़ौज़िया नसीम शाद
2 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Manju Sharma

3563 कविताएं

View Profile