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दिल पे होते हैं

Dr fouzia

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            यूं ही होती नहीं है ख़ामोशी
        
                                                    
                            
बोझ लफ़्ज़ों के दिल पे होते हैं
-फ़ौज़िया नसीम शाद
3 महीने पहले
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