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स्वार्थी

डॉ. दिनेश दिव्यांश

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जब अकेले रहते हैं लोग, तो मेरा साथ ले लेते हैं
        
                                                    
                            
अपनों के मिलते ही लोग, मेरा साथ छोड़ देते हैं
फिर किसी की तन्हाई में हम सहारा दे देते हैं
तन्हाई खत्म होते ही वही मुझे तन्हा छोड़ देते हैं।
2 वर्ष पहले
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