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हाल-ए-दिल एक दिन ख़ुद मुझको बताओगे तुम भी

Dr. Dhirendra Singh Thapa (sneh)

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            रुलाया है तुमने तो रोओगे तुम भी,
        
                                                    
                            
पाने के लिए मुझको अपना सब कुछ खोवोगे तुम भी,,
अच्छी बात है... खुश हो तुम अभी,
नादां-ए-नासमझ चंद रोज सही,,
ये वादा रहा तुमसे दिल-ए-हसरत,
हाल-ए-दिल एक दिन ख़ुद मुझको बताओगे तुम भी,,
एक महीने पहले
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