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आसमां से जमीन तक

Dolly shiv

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आसमां क्या जाने
        
                                                    
                            
धरती किस मलाल में थी
सूरज चन्दा सब इसे ताकें
पर धरती बारिश के ख्याल में थी।
जब रो पड़ा बादल
तो सूरज को छुपा दिया
चांद कर बैठा बहस जब
तो उसे रात बना दिया।

तारों का साथ देकर
चांद को समझाना पड़ा
बादल ने कुछ समझौता किया
औऱ सूरज को तपिश लेकर जाना पड़ा।
अकेले ही बरसती रही बारिश
हवाएं नाराज होने लगी
ना सुलझा कोई किस्सा
सबको अलग अलग निभाना पड़ा।
 
3 महीने पहले
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