एक ऐसा खजाना जो
कभी खाली नहीं होता।।
जो हर धड़कन में।।
धड़कता जाता।।
सबके दिलों के।।
करीब ही रहता।।
हर पल जीवन में।।
आनंद का अनुभूति कराता।।
और जिंदगी के।।
हर प्रसंग को सरल से।।
सरलतम माहौल की।।
ओर धकेलता।।
जिसका नाम है।।
प्रीत की सतरंगी उमंग
यही रिश्तों की।।
बुनियाद भी है।।
यदि प्रीत नहीं तो
सारे रिश्ते धूल
बराबर है।।
प्रीत की रीत
युगांतर से चली।।
आ रही है।।
प्रीत सरगम की।।
सुर लहरी है।।
यह आपस में देश
दुनियां को बांधे।।
रखती है।।
ऐसी बेशकीमती
उपहार मुफ़्त में।।
हमें उस अच्युत ने।।
दे रखी कोई
खर्च नहीं जिसमें।।
यह सभी के जीवन
को ढालता सार्थक
स्वरूप में।।
यह आनंद का।।
चरम वंदन है।।
जिसका हर रिश्ता।।
करते अभिनन्द है ।।
प्रीत वो कमल है।।
जो खिलकर
भी अपने पर कीचड़
के छीटें नहीं पड़ने
देते है।।
यह एक ऐसा।।
फूल है जो जीवन को
सदैव खुशबू से
रंगीन बना देता है।।
यह अनमोल अकाट्य
अमृतमय बरसा है।।
एक ऐसा खजाना जो
कभी खाली नहीं होता।।
जो हर धड़कन में।।
धड़कता जाता।।