तू मुझ से रुठी रुठी सी क्यों रहती है,
तुम्हें मनाने की कोई तरकीब है तो बता दे मुझे,
अगर तुम्हें मनाने के लिए जरूरत पड़ी,तो गिरवी रख दूंगा तेरे लिए,