जैसे लोग गंगा में अस्थियां विसर्जित कर देते हैं,
ठीक वैसे ही तुम से मुकम्मल प्यार की उम्मीद विसर्जित कर दिया है,
अब तेरी ना कोई ना तेरी प्रतीक्षा, और ना तेरे दीदार कीकोई उम्मीद,