धोखा तो बहुत खाया है मैं ने तुम जैसी एक हसीन से,
इसीलिए जख्मों से जान पहचान मेरी पुरानी है,
ऐसी आदत लग गई है मुझे तेरे दीदार की सनम,
बात करता हु तो दिल नही भरता ,बात ना हो तो दिल नहीं भरता,