तुम्हारी बेरुखी देखकर कभी कभी मैं बेफिक्र हो जाता हूं तुम्हारी तरफ से,
कभी कभी सावन की बारिश की तरह इतना प्यार करती हो,
कि अच्छे लगते हो कहकर मेरी रातों की नींद उड़ा देती है तू,