हुस्न, खूबसूरती का नशा भी अजीब होता है,पर कहीं ना कहीं अच्छा भी लगता है,
करीब रखूं या न रखूं,यह फैसला मैं कैसे करूं,
क्यों कि अधिकांश हसीनाएं बेवफा, गद्दार ही होती हैं,