विज्ञापन

जिक्र हो तुम

Dn Chaubey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तुम मेरी जरूरत भी है, तुम मेरी फ़िक्र,परवाह भी है,
        
                                                    
                            
क्या ही कहूं, मेरे दिल की धड़कन, प्यार है तू ,
कर ना पाऊं कहीं भी वो जिक्र हो तुम,
3 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Manju Sharma

3561 कविताएं

View Profile